महावीर हरीना वसंथली राष्ट्रीय उद्यान ( Mahavir Vasanthali National Park ) : यह उद्यान आंध्र प्रदेश राज्य के हैदराबाद जिले वसंथली में स्थित है । इस उद्यान का नाम जैन धर्म के प्रवर्तक महावीर के 2500 वें जन्मदिवस स्मरणोत्सव ( 1975 ) के अवसर पर रखा गया था । इस उद्यान में रहने वाली जातियाँ हैं- ब्लैक बक , साही ( porcupine ) , वाटर मानीटर्स , शॉट टोड इगल , बगुला , कौडिल्ला ( Kingfisher ) , जलकौवा ( cormorants ) तथा पक्षियों की अन्य प्रजातियाँ ।

मथिकतल शोला राष्ट्रीय उद्यान ( Mathiketatan Shola National Park ) : यह उद्यान केरल के इडुक्की जिले में स्थित है । इस उद्यान को पर्यावरण , जीव जन्तुओं तथा वनस्पति संपदा के संरक्षण के लिए वर्ष 2003 में इसे एक राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया । इस उद्यान के वन का आर्थिक व पारिस्थितिक महत्व अधिक है । इस राष्ट्रीय उद्यान के कुछ भाग में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान इलायची की खेती होती थी ।

मध्य बटन द्वीप राष्ट्रीय उद्यान ( Middle Button Island Naitonal Park ) : यह उद्यान अंडमान एवं निकोबार द्वीप में पोर्ट ब्लेयर के निकट स्थित है । इस राष्ट्रीय उद्यान का कुल क्षेत्रफल लगभग 64 वर्ग कि.मी. है । यह चीतल का वासस्थान है ।

मोलेम राष्ट्रीय उद्यान ( Molem National Park ) : यह उद्यान गोवा राज्य में स्थित है तथा 107 वर्ग कि.मी. के प्रदेश में फैला हुआ है । इस उद्यान में तेंदुआ , गौर , चीतल , गन्धविलाव ( civet ) , उड़नेवाली गिलहरी , मालाबार में पाए जाने वाली विशाल गिलहरी , साल ( Pangolin ) तथा विषैले साँप जैसे नागराज ( King Cobra ) , करैत तथा वाइपर पाए जाते हैं । यहाँ पक्षियों की लगभग 200 प्रजातियाँ पाई जाती हैं जिसमें काले रंग का कठफोड़वा ( Indian Black Woodpeeks ) , मालाबार पाइड होर्नबिल , पैराडाइज फ्लाइकैचर , फेरी ब्लूबर्ड , अंगारक ( Drongo ) , वैग टेल बार्बेट , ग्रेट इंडियन होर्नबिल , कौडिल्ला ( Kingfisher ) , लहटोरा ( Shrike ) , पड़की तथा जंगली मुर्गे - मुर्गियाँ शामिल हैं ।

माउलिंग राष्ट्रीय उद्यान ( Mouling National Park ) : यह उद्यान अरूणाचल प्रदेश के शिआँग ( Siang ) जिले में स्थित है । इस यह उद्यान 500 वर्ग कि.मी. के प्रदेश में फैला हुआ उद्यान में पाए जाने वाले जानवर हैं जंगली भैंस , तेंदुआ , बाच . पाढ़ा ( Hog deer ) तथा सेराव ( Serow ) की तीन किस्में ।

माउंट आबू वन्य जीव अभ्यारण्य ( MountAbu Wildlife Sanetuary ) : यह अरावली के दक्षिण में स्थित है तथा इसे 1960 में एक वन्य जीव अभ्यारण्य घोषित किया गया । इसकी ऊँचाई 300 मीटर से लेकर गुरूशिखर में 1722 मीटर है जो राजस्थान की सबसे ऊँची चोटी है ।

माउंट हैरिएट राष्ट्रीय उद्यान ( Mount Harriet National Park ) : यह राष्ट्रीय उद्यान अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह में स्थित है । यह एक लघु उद्यान है जो जंगली सुअर , लवणीय जल में पाए जाने वाले मगरमच्छ , कछुओं तथा रौबर व ( केकड़े ) के लिए प्रसिद्ध है ।

मृगवानी राष्ट्रीय उद्यान ( Mrugavani National Park ) : यह राष्ट्रीय उद्यान आध्र प्रदेश में हैदराबाद शहर से लगभग 25 कि.मी. की दूरी पर स्थित है । यहाँ 600 भिन्न किस्मों की वनस्पति देखी जा सकती है । यहाँ पाए जाने वाले जानवर हैं काले रोएँ वाले खरगोश , जंगली बिल्ली , गन्धविलाव , ' इंडियन रैट स्नैक ' , वाइपर , चीतल तथा कठफोड़वा ।

मुदुमलाई अभ्यारण्य ( Mudumalia Sanctuary ) : यह तमिलनाडु राज्य के सबसे पश्चिमी भाग में स्थित है । यह नीलगिरि जिले से उत्तर - पश्चिम की ओर स्थित है तथा कोयम्बटूर से लगभग 80 कि.मी. दूर है ।

मुकुर्ती राष्ट्रीय उद्यान ( Mukurti National Park ) : यह नीलगिरि पठार के दक्षिण - पूर्वी कोने में स्थित है । नीलगिरि जिले में स्थित यह उद्यान उटाकमन्ड हिल स्टेशन से पश्चिम की ओर है । यह राष्ट्रीय उद्यान नीलगिरि बायोस्फेयर रिजर्व ( जीवमंडल संरक्षित प्रदेश ) का भाग है तथा यूनेस्को ( UNESCO ) के समक्ष वर्ल्ड हेरीटेज साइट के रूप में इसका चयन विचाराधीन है ।

मुर्लेन राष्ट्रीय उद्यान ( Murlen National Park ) : यह उद्यान मिजोरम राज्य के चम्पाई जिले में स्थित है । यह आइजोल से 245 कि.मी. दूर चीन पहाड़ियों के नजदीक स्थित है । यह लगभग 100 वर्ग कि.मी. के प्रदेश में फैला हुआ है तथा यहाँ विभिन्न प्रकार के जानवर तथा वनस्पति पाए जाते हैं ।

नगरहो ले राष्ट्रीय उद्यान ( Nagarhole National Park ) – राजीव गाँधी राष्ट्रीय उद्यान : यह उद्यान कर्नाटक के मैसूर जिले में स्थित है । यह बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान से है दक्षिण - पश्चिम की ओर स्थित है । यहाँ बांदीपुर की अपेक्षा 1 बाघों , गवलों ( बाइसन ) तथा हाथियों की आबादी अधिक सघन है । यूनेस्को ( UNESCO ) के समक्ष वर्ल्ड हेरीटेज साइट के रूप में इसका बदन विचाराधीन है ।

नामेरी राष्ट्रीय उद्यान ( Nameri National Park ) : यह राष्ट्रीय उद्यान पूर्वी हिमालय के पादगिरि ( Foothills ) में असम के सोनिलपुर जिले में स्थित है । यह हाथी , बाघ , तेंदुआ , गवल , सांभर , ढोले ( एशियाई जंगली कुत्ता ) , पाडा , बनैला सूअर , रीछ , काला भालू , कैप्ट लंगूर तथा विशाल गिलहरी का वासस्थान है । यहाँ पक्षियों को 300 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाली है , जिसमें , सफेद पंखों वाले बत्तख , धनेश ( होर्नबिल ) . पतेना , बैबलर तथा बटान शामिल है ।

नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान ( Nanda Devi National Park ) : यह राष्ट्रीय उद्यान नंदा देवी चोटी ( समुद्री स्तर से 7817 मीटर की ऊंचाई ) के निकट स्थित है । इसके उत्तर पश्चिम की और फूलों की घाटी ( Valley of Flowers ) देखी जा सकती है । इस उद्यान में नंदा देवी अभ्यारण्य एक हिमनदीय बेसिन है । यह ऋषि - गंगा द्वारा अप्रवाहित होता है । यह एक घोषित बल्ड हेरीटेज साइट ( अन्तर्राष्ट्रीय धरोहर ) है ।

नवेगाँव राष्ट्रीय उद्यान ( Navegaon National Park ) : यह उद्यान महाराष्ट्र के विदर्भ प्रदेश में स्थित है । महाराष्ट्र में पाई जाने वाली पक्षियों का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा इस राष्ट्रीय उद्यान में देखा जा सकता है ।

नेओरा घाटी राष्ट्रीय उद्यान ( Neora Valley National Park ) : यह राष्ट्रीय उद्यान पश्चिम बंगाल के दार्जीलिंग जिले में स्थित है तथा इसका विस्तार सिक्किम तथा भूटान तक है । यहाँ घने वन हैं तथा इसके कई भाग अभिगम्य नहीं हैं । यह लाल पांडा ( वाह ) का वासस्थान है । इस पार्क की ऊँचाई समुद्री स्तर से 3260 मीटर तक है ।

नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान ( Nokrek National Park ) : यह मेघालय राज्य के गारों पहाड़ी जिले में तूरा ( Tura ) से लगभग 2 कि.मी. दूर पूर्व में स्थित है । यहाँ विभिन्न प्रकार के वनस्पति तथा जानवर पाए जाते हैं जिसमें सुपिया बाघ ( Fishing Cat ) , सेराव तथा बाघ शामिल हैं । सुप्रसिद्ध सीजु गुफा भी इस उद्यान में स्थित है । भारत में संतरे फल का यह मूल - निवास ( Native habitat ) भी माना जाता है ।

उत्तरी बटन द्वीप राष्ट्रीय उद्यान ( North Button Island National Park ) : यह राष्ट्रीय उद्यान अंडमान एवं निकोबार द्वीप में स्थित है । यह कई जीवों का वासस्थान है जैसे सूंस ( dolphin ) तथा समुद्री गाय ( dugong )

 ओराँग राष्ट्रीय उद्यान ( Orang National Park ) : यह राष्ट्रीय उद्यान ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर तेजपुर ( असम ) के निकट स्थित है । यह उद्यान गैंडे , सांभर , काकड़ , चरत तथा अनेक जल - पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है ।

 पेरियर राष्ट्रीय उद्यान ( Periyar National Park ) : यह एक संरक्षित प्रदेश है तथा एक प्रोजेक्ट टाइगर रिजर्व जो केरल के इडुक्की जिले में स्थित है । यहाँ हाथी , तेंदुआ . बनैला सूअर ( wild hoar ) , गौर तथा विभिन्न प्रजाति के पक्षी पाए जाते हैं ।

 पालनी पहाड़ी राष्ट्रीय उद्यान ( Palni HIs National Park ) : यह राष्ट्रीय उद्यान तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले में स्थित है । इसका विस्तार पालनी पहाड़ियों पर है तथा यह कोडीकेनाल वन्य जीव अभयारण्य के अत्यंत समीप स्थित है ।

 फावंगपुई नीला पर्वत राष्ट्रीय उद्यान ( Phawngpui Blue Mountain National Park ) : यह राष्ट्रीय उद्यान मिजोरम के दक्षिण - पूर्वी भाग में स्थित है तथा म्यांमार की सीमा के निकट है । यह उद्यान लमचित्ता ( Clouded - Leopard ) के लिए प्रसिद्ध है ।

पिन घाटी राष्ट्रीय उद्यान ( Pin Valley National Park ) : यह राष्ट्रीय उद्यान हिमाचल प्रदेश के लाहुल एवं स्पीति जिले के स्पीति घाटी में स्थित है । यह अनेक विलुप्त होने वाले प्रजातियों का वासस्थान है जैसे साह ( Snow Leopard ) तथा साइबेरियाई साकिन ( Siberian Ibex ) । इस उद्यान में बौद्ध धर्म के कई तीर्थ स्थल हैं ।

 राजाजी राष्ट्रीय उद्यान ( Rajaji Naitonal Park ) : शिवालिक के पादगिरि में स्थित यह उद्यान हरिद्वार जिले के अन्तगर्त आता है । इस उद्यान में हाथी , तेंदुआ , बाघ , हिरन , बनबिलार , बनैला सूअर तथा रीछ पाए जाते हैं । यह मयूर ( Pea - fowl ) , कठफोड़वा , कौडिल्ला , ( barbet ) , विभिन्न प्रकार के मछलियों तथा ' ट्राउट ' का भी वासस्थान है ।

 सैड्ल राष्ट्रीय उद्यान ( Saddle National Park ) : यह राष्ट्रीय उद्यान अंडमान द्वीप समूह में स्थित है । यहाँ पाए जाने वाले जीव हैं - जंगली सूअर , वाटर मॉनीटर तथा कपोत ।

 सलीम अली राष्ट्रीय उद्यान ( SalimAliNational Park ) : यह श्रीनगर हवाई अड्डे के निकट स्थित है । इस उद्यान का नाम भारतीय पक्षीविज्ञानी ( Ornithologist ) सलीम अली के नाम पर रखा गया है ।

संजय राष्ट्रीय उद्यान ( Sanjay National Park ) : यह मध्य प्रदेश के सीढ़ी जिले में स्थित है । इस उद्यान में साल ( सखुआ ) के वृक्ष , बाघ , तेंदुआ , चीतल , सांभर , नीलगाय तथा बनैला सूअर पाए जाते हैं ।

सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान ( Satpura National Park ) : यह उद्यान मध्य प्रदेश के होशिंगाबाद जिले में स्थित है तथा 525 वर्ग कि.मी. के प्रदेश में फैला हुआ है । यहाँ बाघ , तेंदुआ , सांभर , चीतल , भेदकी , नीलगाय , चौसिंगा , चिंकारा , गवल , गौर , बनैला सूअर , ब्लैक बक , लोमड़ी , धनेश तथा विभिन्न प्रकार के पक्षी पाए जाते हैं । इस उद्यान में पाए जाने वाले वनस्पति में साल ( सखुआ ) , तेंदु , सागौन , आँवला , महुआ , बेल , बाँस , विभिन्न प्रकार की जड़ी - बुटियाँ तथा औषधीय पौधे प्रमुख हैं ।

 साइलेन्ट वेली राष्ट्रीय उद्यान ( Silent Valley National Park ) : यह उद्यान केरल राज्य के पलाकइ जिले में नीलगिरि पहाड़ियों में स्थित है । यह उद्यान 90 वर्ग कि.मी. के प्रदेश में फैला हुआ है । इसका चयन यूनेस्को ( UNESCO ) द्वारा पश्चिमी घाट के वर्ल्ड हेरीटेज साइट के रूप में विचाराधीन है । इस उद्यान का पर्यटक केन्द्र सैरान्द्रि में है ।

 सिरोई राष्ट्रीय उद्यान ( Siroi National Park ) : यह उद्यान मणिपुर में स्थित है तथा इसकी स्थापना 1982 में की गई । यहाँ बाघ , तेंदुआ तथा ट्रेगोपेन पाए जाते हैं । इस उद्यान में प्रसिद्ध सिरोइ लिली पाए जाते हैं । यह उद्यान विभिन्न प्रकार के फूलों तथा तितलियों के मामले में धनी है ।

 श्री वेंकटेश्वर राष्ट्रीय उद्यान ( Sri Venkateshwara National Park )  :  यह राष्ट्रीय उद्यान आंध्र प्रदेश के कडुप्पा तथा चित्तूर जिले में स्थित है । यह उद्यान अनेक जलप्रपातों के लिए प्रसिद्ध है जिसमें प्रमुख हैं - टालाकोना , गुंडाल कोना तथा गुंजाना । यहाँ पाए जाने वाले प्रमुख जानवर हैं - बाघ , गन्धविलाव , सियार , ब्लैक बक तथा विशाल गिलहरी ।

सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान ( Sultanpur National Park ) : यह हरियाणा के गुड़गाँव जिले में स्थित है । इस उद्यान का क्षेत्रफल 1.43 वर्ग कि.मी. है । यह एक संरक्षित प्रदेश है जहाँ 250 किस्म के पक्षी देखे जा सकते हैं ।

 वैली आफै फ्लावर्स राष्ट्रीय उद्यान ( Valley of Flowers National Park ) : यह राष्ट्रीय उद्यान उत्तराखंड में स्थित है । फूलों की घाटी तथा नंदा देवी को संयुक्त रूप से 1982 में एक राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया है । गढ़वाल का यह भाग वर्ष के अधिकतर समय अगम्य रहता है । यह प्रदेश हिमालय के जास्कर श्रेणी में स्थित है जहाँ सबसे ऊँची चाटी गौरी पर्वत है ।

वंसदा राष्ट्रीय उद्यान ( Vansda National Park ) : यह उद्यान दक्षिणी गुजरात के नवसारी जिले में अम्बिका नदी के तट पर स्थित है तथा यह लगभग 25 वर्ग कि.मी. के प्रदेश में फैला हुआ है । यह उद्यान 1979 में स्थापित किया गया तथा प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ इस उद्यान में बाँस एवं कत्था के घने पतझड़ वाले वन पाए जाते हैं । वानस्पतिक उद्यान के अतिरिक्त यहाँ के कुछ प्रमुख आकर्षण हैं - स्थानीय जनजाति , गिरा प्रपात तथा एक सम्मेलन केन्द्र । यहाँ वनस्पति तथा जीव जन्तुओं का अद्भुत मिश्रण देखा गया है ।

Post a Comment

if you have any doubts. please let me know