अष्टामुदी झील ( Asthamudi Kayal )



 यह केरल के कोलम जिले में एक लैगून है । अष्टामुदी का अर्थ ' आठ भुजाएं " हैं । वास्तव में इस झील की अनेक शाखाएँ हैं । रामसार ( Ramsar ) समझौते के तहत यह अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की एक आर्द्रभूमि के रूप में दर्ज है ।

भीमताल ( Bhimtal )



उत्तराखण्ड के कुमाऊ मण्डल में भीमताल नगर के निकट स्थित यह एक रमणीय झील है , जिसके केन्द्र में एक द्वीप है । नैनीताल की अधिक प्रसिद्धी के कारण प्राचीन भीमताल शहर का महत्व कम रहा है । वर्तमान में यह शहर अनेक राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करता है ।

भोज आर्द्रभूमि ( Bhoj - Wetland )



भोपाल ( मध्य प्रदेश ) में स्थित , इसमें दो झीलें हैं - ऊपरी झील तथा निचली झील । राजधानी नगर के समीप में स्थित यह भारत में एक अत्याधिक प्रदूषित झील है ।

चंद्रा ताल ( Chandra Tal )



यह हिमाचल प्रदेश के लाहौल तथा स्पिीती जिले में एक अधिक ऊंचाई वाली झील है । यह समुद्री सतह 4300 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है । लाहौल तथा स्पीति को जोड़ने वाला कुंजाम दर्रा ( Kunzam pass ) इस झील से । लगभग 6 कि.मी. की दूरी पर स्थित है ।

चेम्बरमबक्कम झील ( Chembarambakkam Lake ) 



यह तमिलनाडु के चंगपटू जिले में चेन्नई से 40 कि.मी. दक्षिण में स्थित है । इस झील से ही अदयार नदी ( Adyar River ) का उद्गम होता है । चेन्नई महानगर की जलापूर्ति इस झील से होती है ।

चिल्का झील ( Chilka Lake ) 

उड़ीसा राज्य में स्थित यह एक खारे पानी की तटीय झील है । भारत में यह सबसे बड़ी तटीय झील है । यह झील महानदी द्वारा अवसाद - भरने की क्रिया से निर्मित हुयी हैं । इस झील का क्षेत्र परिवर्तनशील है , जो मानसून के मौसम में 1175 वर्ग कि.मी. होता है तथा शुष्क मौसम में केवल 900 वर्ग कि.मी. रह जाता है ।

डल झील ( Dal Lake )

डल झील श्रीनगर ( Kashmir ) की एक प्रसिद्ध झोल है । 18 वर्ग कि.मी. के क्षेत्रफल में फैली हुवी यह झील सेतुकों ( Causeways ) द्वारा चार बेसिनों में विभाजित है - गगरीबल , लोकुट डल , बोड डल तथा नगीन झील । यह लगभग 500 शिकारे ( House ) के लिए प्रसिद्ध है । शिकारों के अलावा , यह झील डोंगी खेना ( Canocing ) , ' वाटर - सर्फिग ' तथा ' क्याकिंग ' ( Kayaking ) की भी सुविधा पर्यटकों को प्रदान करता है । अत्यधिक प्रदूषित होने के कारण इस झील का क्षेत्रफल घटता जा रहा है । इस झील में विविध वनस्पति , जैसे - कमल के फूल , कुमुद तथा पानीफल ( सिंघाड़ा ) पाए जाते हैं ।

धीबर झील ( Dhebar Lake )

 राजस्थान राज्य में उदयपुर से लगभग 45 कि.मी. पूर्व में स्थित यह झोल भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है । यह 87 वर्ग कि.मी. के क्षेत्र में फैली हुई है । यह 17 वीं सदी में उदयपुर के राणा जयसिंह द्वारा बनवाई गयी थी . जब उन्होंने गोमती नदी ( Gomati River ) पर एक संगमरमर का बांध बनवाया था । इस झील में तीन द्वीप हैं , जैसमंद सैरगाह ( Resort ) इनमें से सबसे बड़े द्वीप पर स्थित है ।

हिमायत सागर ( Himayat Sagar )

यह हैदराबाद शहर से लगभग 20 कि.मी. की दूरी पर स्थित है । इस झील का नाम निजाम ( VII ) के सबसे छोटे बेटे हिमायत अली खान के नाम पर रखा गया है । यह एक कृत्रिम झील है , जो मूसी नदी ( Musi River ) पर 1927 में बनाया गया था ।

हुसैन सागर ( Hussain Sagar ) 

यह हैदराबाद शहर में स्थित है । यह हुसैन शाह वली द्वारा 1562 में मूसी नदी ( Musi River ) के एक सहायक नदी पर बनाया गया । यह हैदराबाद शहर की जलापूर्ति करती है ।

कलिवेली झील ( Kaliveli Lake )

यह एक तटीय झील है , जो तमिलनाडु के विलुप्पुरम जिले में स्थित है । यह पुडुचेरी से लगभग 10 कि.मी. उत्तर की ओर स्थित है । यह झील प्रायद्वीपीय भारत के बड़े आर्द्रभूमि ( Wetlands ) में से एक है । यह कृषीय भूमि द्वारा अधिकृत किया जा रहा है , फलस्वरूप इस झील का क्षेत्रफल घटता जा रहा है ।

खज्जीयार झील ( Khajjiar Lake ) 

यह हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में स्थित है , यह डलहौजी से मात्र 24 कि.मी. दूर है । देवदार वृक्षों से घिरे होने के कारण यह पर्यटकों के लिए एक रमणीय दृश्य प्रस्तुत करती है ।

खेचियोपालरी झील ( Khecheopalri Lake )

 यह पश्चिमी सिक्किम में स्थित है । यह हिन्दुओं तथा बौद्ध धर्मियों द्वारा एक पवित्र झील मानी जाती है । यह झील बाँस के घने वनों से घिरी है । इस झील को देखने अनेक तीर्थयात्री तथा पर्यटक आते हैं ।

कोलेरू झील ( Kolleru Lake ) 

आंध्र प्रदेश में स्थित यह झील भारत में मीठे पानी की ( अलवणीय ) सबसे बड़ी झीलों में से एक है । यह कृष्णा तथा गोदावरी जिले में कृष्णा तथा गोदावरी नदियों के डेल्टाओं के बीच स्थित है । यह झील इन दोनों नदियों के लिए एक प्राकृतिक बाढ़ संतुलन जलाशय का काम करती है । यह झील लगभग 20 मिलियन आवासीय तथा प्रवासी पक्षियों का प्राकृतिक वास है । प्रतिवर्ष अक्टूबर - मार्च के मध्य यहां साइबेरिया तथा पूर्वी यूरोप से आए पक्षियों का वास होता है । इस झील को भारतीय वन्य जीवन संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत 1999 में एक वन्य जीवन विहार ( Sanctuary ) / शरण - क्षेत्र के रूप में अधिसूचित किया गया । बढ़ते प्रदूषण के कारण इसकी जैव - विविधता का ह्रास हो रहा है । 

लोकटक झील ( Loktak Lake )  

यह उत्तर - पूर्वी भारत में मीठे ( अलवणीय ) पानी की सबसे बड़ी झील है । यह झील विश्व में ' तैरती द्वीपीय झील ' के रूप में प्रसिद्ध है क्योंकि इसमें तैरते हुए फुम्डिज ( Phundis ) ( तेरते हुए द्वीप ) होते हैं । 1900 में.रामसर समझोत- ( Ramsee convention ) तहत यह अन्तराष्ट्रीय महत्व को एक आभूमि मानी गयी । यह झोल पन - विजली संयन्त्र , सिंचाई तथा पीने के पानी के लिए एक जल - स्रोत है । यह झील ग्रामीण मछुआरों के लिए भी जा ... ! का साधन है , जो फुल्टिर हुए द्वीप ) तथा निकट क्षेत्रों में रहते हैं । फुम्डिज वास्तव में वनस्पति . मृदा तथा जैव - पदार्थों के विजातीय हेर है ।

नाको झील ( Nako Lake )

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित यह एक अधिक ऊंचाई वाली झोल है । यह झील भिसा ( Willow ) तथा पहाड़ी पीपल ( Poplar ) वृक्षों से घिरी हुयी है । इस झील के निकट बौद्ध धर्म के चार मंदिर हैं । यह एक पवित्र झील मानी जाती है ।

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